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देवदूत वानर सेना à¤à¤• संगठन नही बलà¥à¤•ि विचार है, सà¤à¥€ जीव जंतà¥à¤“ं में सिरà¥à¤« बंदर à¤à¤¸à¥€ जाति है जो अपने साथी को बड़ी सी बड़ी विपदा औऱ संकट में छोड़कर नही जाती बलà¥à¤•ि उसका साथ देती है, मदद करती है और उसके साथ खड़ी रहती है।
वरà¥à¤·20 ;-21 में कोरोना की जब दूसरी लहर आई तो अपने साथ मौत का पैगाम लाई, लोग इतने à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ हो गठकि अपने दोसà¥à¤¤à¥‹ और रिसà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° से फोन पे बात करने से डरते थे, मदद की बात छोड़िà¤, कोई हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² नही जाना चाहता था, दवा आकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨, हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² सब जरूरी चीजो की मारामारी हो गई थी, मरीज के साथ उसका पूरा परिवार हताष और à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ हो उठता था, समाज मे अनजाना à¤à¤¯ बà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो गया था।
उसी समय देवदूत वानर सेना का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हà¥à¤†, हà¤à¤¸à¥€ हà¤à¤¸à¥€ में यह बात शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ˆ कि à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ मत होइà¤, आइये वानरों की तरह इकà¥à¤•टà¥à¤ ा होते हैं, à¤à¤• दूसरे की मदद करते हैं अपने अंदर के देवतà¥à¤µ के à¤à¤¾à¤µ को जगाकर।
हम लोंगो ने ललकारना शà¥à¤°à¥‚ किया कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ का विकास बंदरो से हà¥à¤† है, हमारा मूल à¤à¤¾à¤µ मदद का है हम कैसे अपने घर परिवार, समाज के लोंगो को अकेला छोड़ सकते हैं मरने के लिà¤, आइये मदद करते हैं और नही कर पाà¤à¤‚गे तो चिलà¥à¤²à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚गे की मदद करो मदद करो कोई ना कोई खड़ा हो ही जायेगा मदद के लिà¤à¥¤
फिर कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› लोगो से खड़ी हà¥à¤ˆ वानर सेना देखते देखते हजारो लोगो के रूप में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो गई और अनजान लोग अनजान लोगों की मदद करने निकल पड़े, हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², आकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨, दवाई, बà¥à¤²à¤¡, पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾, इलाज के लिठपैसे जो जरूरत पड़ी सबने सहयोग किया और वानर सेना देवदूतों की सेना बनके "" देवदूत वानर सेना""के नाम से समाज मे à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡ का à¤à¤• नाम बन गई।
कोरोना के बाद à¤à¥€ देवदूतों का à¤à¥à¤‚ड बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ रहा और जरूरत मंद को हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤Ÿ कराना, बà¥à¤²à¤¡ दिलाना, किसी को पैसे की जरूरत पड़ने पे चनà¥à¤¦à¤¾ मांगना, बेरोजगार लड़को के लिठकिसी से रोजगार मांगना, किसी की बेटी की शादी के लिठहाथ फैलाना, किसी के सर पे छत नही होने से उसके लिठसमाज से चनà¥à¤¦à¤¾ माà¤à¤—ने में लगी रही।
उसी कà¥à¤°à¤® में देवदूत वानर सेना ने अनमय नाम के à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के लिठजिसको16 करोड़ के इंजेकà¥à¤¶à¤¨ की जरूरत थी उसके लिठसड़कों से लेकर मंदिर, मसà¥à¤œà¤¿à¤¦, सà¥à¤•ूल कालेज सब जगह à¤à¥€à¤– मांगने उतर पड़ी और उसके साथ हजारो लोग अलग अलग जगहों से, à¤à¤• दूसरे से अनजान बचà¥à¤šà¥‡ की जान बचाने के लिठमदद मांगने उतर पड़े और लगà¤à¤—20 दिन में तीन करोड़ के आस पास जà¥à¤Ÿà¤¾ लिया।
उसके बाद देवदूत वानर सेना को संगठन का रूप दिया जाने लगा है, हम लोगो का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ यही है कि संकट में पड़े किसी à¤à¥€ बà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मदद जरूर की जाय वह चाहे जो हो, जाति पात, धरà¥à¤®, अमीर गरीब, ऊंच नीच का बिना à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ के।
मानवता हमारा मूल धरà¥à¤® है और मदद मेरी मूल à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾, यही सिंदà¥à¤§à¤¾à¤¤ वानर सेना अपने ऊपर लागू करती है। और इसी तरह के विचार वालो को अपने साथ आने के लिठआमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है।
।। अजित सिंह।।


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